गर्मी की छुट्टियां चढ़ी जनगणना की भेंट आखिर गृह कार्य कब संभालेंगे शिक्षक गण
बोले शिक्षक संघ के पदाधिकारी कुछ तो रहम करे सरकार, उपार्जित अवकाश न देना कर्मचारियों के मानवाधिकार उल्लंघन जैसा

गर्मी की छुट्टियां चढ़ी जनगणना की भेंट आखिर गृह कार्य कब संभालेंगे शिक्षक गण
बोले शिक्षक संघ के पदाधिकारी कुछ तो रहम करे सरकार, उपार्जित अवकाश न देना कर्मचारियों के मानवाधिकार उल्लंघन जैसा
प्रतापगढ़: गर्मी की छुट्टियां जिसका इंतजार पूरे वर्ष शिक्षकों को लगा रहता है कि इस बार के ग्रीष्म अवकाश में ये करवाएंगे और बाहर जायेंगे, लेकिन जनगणना की गाज गर्मी की छुट्टियों में पड़ेगी इसका तो अंदाजा भी नहीं था। इस बार ठेठ गर्मी में जनगणना के आदेश ने सारी तैयारियों पर पानी फेर दिया और दोपहर की लूक में निकलने पर कहीं न कहीं उनके मन में अपनी तैयारियों का बुरा हश्र देख तापमान तो बढ़ ही गया होगा।
बताते चले कि इस बार पूरी गर्मी पहले जनगणना, फिर प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों की परीक्षा जून के प्रथम सप्ताह में फिर पुलिस भर्ती परीक्षा 8, 9 और 10 जून को आयोजित होनी जिसमें प्राथमिक शिक्षकों और माध्यमिक शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। यही नहीं अर्जित अवकाशों पर रोक के साथ स्टेशन नहीं छोड़ने का आदेश भी जिला स्तरीय अधिकारियों से दिया जा चुका है। ऐसे में पूरी गर्मी शिक्षकों की ड्यूटी में ही बीत जाएगी जिसे देखते हुए उनके आक्रोश फैलना स्वाभाविक है।
प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लाक बिहार के मंत्री बालेंदु शुक्ला और अध्यक्ष मानवेंद्र द्विवेदी से बात की तो उनका कहना है कि पूरी गर्मी की छुट्टी में शिक्षकों से काम लिया जा रहा है, ऐसे में उनके घर परिवार की जिम्मेदारी प्रभावित होने से उनमें तनाव का आलम देखा जा रहा है। सरकार को उपार्जित अवकाश के बारे में गंभीरता पूर्वक विचार करना चाहिए। राष्ट्रीय कार्यो के लिए शिक्षक हमेशा उपलब्ध रहते है, शासन के दिशा निर्देशों पर हमेशा अव्वल रहने वाला शिक्षक क्या उपार्जित अवकाश भी लेने का अधिकारी नहीं है। इस यक्ष प्रश्न को गंभीरता पूर्वक लेने की आवश्यकता है।



